#Gauri ki Kahani

गौरी की कहानी

आज 14 साल की ग़ौरी फ़िर उदास थी क्यूंकि आज फ़िर वह स्कूल नहीं जा रही थी। सारी सहेलियाँ उसके घर तैयार हो कर आ गई थीं उसे साथ लेकर स्कूल जाने के लिए पर वो मुँह लटकाए बैठी थी।
आज उसके माहवारी का पहला दिन था ,ऐसे हालात में स्कूल जाना औऱ फ़िर पूरा दिन बिताना उसके लिए मुश्किल था। एक तो स्कूल में अलग से शौचालय का न होना फ़िर इस्तेमाल की हुई पैड को ठीकाने लगाना भी एक मुश्किल काम था, इसलिए उसने मन बना लिए था कि आज से चार दिन तक स्कूल नहीं जाऊँगी । औऱ हाँ इस निर्णय में उसकी माँ उसके साथ थी आख़िर वो भी तो जानती थी कि उसकी बेटी को किन हालतों का सामना करना पड़ता है।
ख़ैर उसकी सहेलियाँ उसके बिना ही स्कूल चली गईं वैसे भी रोज़ कोई न कोई सहेली को तो छोड़ना ही पड़ता था, इस “माहवारी” के कारण…..!

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